EPFO के नए नियमों से बदलेगा PF सिस्टम: प्राइवेट ट्रस्ट पर सख्ती, 32 लाख कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

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नई दिल्ली। आज कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने निजी और सरकारी कंपनियों द्वारा संचालित पीएफ ट्रस्टों के लिए नए और कड़े नियम लागू किए हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य करीब 32 लाख कर्मचारियों की लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये की पीएफ जमा राशि को अधिक सुरक्षित बनाना है। नई व्यवस्था के तहत अब देशभर के 1,250 से अधिक प्राइवेट पीएफ ट्रस्टों को यह सुनिश्चित करना होगा कि, वे कर्मचारियों को EPFO के बराबर या उससे बेहतर सुविधाएं दें।

यदि कोई ट्रस्ट नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसका “एक्जेम्प्टेड स्टेटस” तुरंत खत्म किया जा सकता है। EPFO ने ब्याज दरों पर भी सीमा तय कर दी है। अब कोई भी निजी ट्रस्ट EPFO की तय ब्याज दर से 2 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज नहीं दे सकेगा। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कुछ कंपनियां बेहद ऊंची ब्याज दरें दे रही थीं, जिससे वित्तीय जोखिम बढ़ रहा था। नई SOP में डिजिटल ऑडिट और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को भी अनिवार्य किया गया है। अब कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान ऑनलाइन होगा और केवल हाई-रिस्क ट्रस्टों की गहन जांच की जाएगी। इंफोसिस, विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह जैसी बड़ी कंपनियां भी इन नए नियमों के दायरे में आएंगी।