नई दिल्ली। दिल्ली की अमर कॉलोनी इलाके में एक आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या और कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस अब आरोपी का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करवा सकती है, जिससे जांच को नई दिशा मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, राहुल मीणा राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ का रहने वाला है। उसे अमर कॉलोनी इलाके में एक आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या और कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में 22 अप्रैल को दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने मिलकर द्वारका इलाके से पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद से ही उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब आरोपी का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कराने पर भी विचार कर रही है। इस प्रस्तावित मूल्यांकन का उद्देश्य आरोपी की मानसिक स्थिति, व्यवहार के तरीकों और अपराध के पीछे के संभावित कारणों का पता लगाना होगा। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी का व्यवहार काफी शांत रहा और उसमें किसी तरह का पछतावे या भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह भी देखना चाहती हैं कि कहीं उसके अंदर किसी तरह के असामान्य मानसिक लक्षण या व्यक्तित्व संबंधी समस्याएं तो नहीं हैं।
अगर जरूरत पड़ी तो विशेषज्ञों द्वारा उसका क्लिनिकल मूल्यांकन भी किया जा सकता है, ताकि आरोपी के आक्रामकता के स्तर, भावनात्मक प्रतिक्रिया और ‘एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर’ जैसी स्थितियों से जुड़े लक्षणों का आकलन किया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अपराध अचानक गुस्से में किया गया था या फिर पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। घटनाओं का पूरा क्रम जोड़कर समझने के लिए साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग को एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू से इसे समझने की कोशिश कर रही है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
