घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कमजोर शुरुआत देखने को मिली। अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पार जाने के दबाव में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 578 अंक तक टूटकर 77,900 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,300 के नीचे फिसल गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत रहे।
विश्लेषकों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर के आसपास पहुंचने से भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर बाजार धारणा पर दिख रहा है। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक, ऑटो और एविएशन शेयरों में ज्यादा दबाव देखा गया। टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स और इंफोसिस जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं सीमित बढ़त वाले शेयरों में सन फार्मा और पावर ग्रिड शामिल रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि, अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिम निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। यदि कच्चा तेल लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो महंगाई और भारत के मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों पर दबाव बढ़ सकता है। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने दबाव और बढ़ाया। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और बाजार की अगली दिशा पर टिकी हुई है।
