रायपुर। राजधानी रायपुर में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई युवा विंग द्वारा आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। यह आयोजन बेबीलॉन इंटरनेशनल में हुआ, जिसमें करीब 5000 लोगों ने भाग लेकर भक्ति और संगीत का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और “जय श्री राम” तथा “राधे राधे” के जयकारों से स्थल गूंज उठा। युवाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और भजन संगीत पर जमकर झूमते नजर आए। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने कहा कि पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक और सकारात्मक रहा। आपको बता दें की उन्होंने कहा कि भजन क्लबिंग का यह स्वरूप युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। उन्होंने मंच से “जय जय श्री राम” का संदेश भी दिया। युवा विंग अध्यक्ष जीतू लोहाना ने बताया कि इस आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और पूरा कार्यक्रम भक्ति संगीत से सराबोर रहा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना है।
वहीं सिंधी काउंसिल महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष काजल सचदेव ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के बीच भजन क्लबिंग एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है, जो संस्कृति और भक्ति को जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में शदाणी दरबार तीर्थ के सचिव उदय शदाणी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी, पार्षद अनामिका सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा सिंधी काउंसिल के चेयरमैन संजय रहेजा, विक्की लोहाना, सुनील कुकरेजा, नितिन कृष्णानी, निलेश तारवानी, मनीष तलरेजा, विजय तनवानी, रोशन ओछवानी, धनेश मटलानी, रितेश वाधवा, लक्ष्मी बजाज, चंचलानी, लक्की कुकरेजा, आकाश मेघानी और गौतम रेलवानी सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में भजन, कीर्तन और धार्मिक गीतों की धुनों पर लोग झूमते नजर आए। युवाओं और परिवारों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। आयोजकों के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, जिससे समाज के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
