कोरिया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों व महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कोरिया जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ योगेंद्र श्रीवास के प्रयासों से वीबी-ग्राम-जी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त सहयोग से 174 किसानों को 1020 बैग उन्नत मत्स्य बीज वितरित किए गए। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिहान महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को ‘आजीविका डबरी योजना’ से जोड़कर उनकी डबरियों में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कुल 174 हितग्राहियों में 68 आजीविका डबरी हितग्राही और 106 अन्य किसान शामिल हैं। अन्य किसानों के पास तालाब, अमृत सरोवर या निजी डबरी उपलब्ध है।
मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम बैकुंठपुर के गेज प्रक्षेत्र और सोनहत के अमहर प्रक्षेत्र में आयोजित किया गया। हितग्राहियों ने योजना के तहत मात्र 140 रुपये प्रति बैग की दर से स्वैच्छिक अंशदान जमा कराया। मत्स्य पालन से किसानों और महिला समूहों को कृषि के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। जिले में मत्स्य उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए क्लस्टर लेवल एप्रोच भी तैयार की जा रही है। इसके तहत किसानों और महिला समूहों के क्लस्टर बनाकर उन्हें बड़े व्यापारियों और बाजारों से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होने के साथ उत्पादकों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन की इस पहल से कृषि, महिला स्व-सहायता समूह और मत्स्य पालन को एक साथ जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नए अवसर पैदा होंगे।
