भगवान शिव को भक्तों की सच्ची श्रद्धा और सरल भक्ति से प्रसन्न होने वाला देव माना जाता है। शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बेलपत्र पर ‘राम-राम’ लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने की परंपरा को अत्यंत शुभ माना जाता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव, भगवान राम के परम भक्त माने जाते हैं। इसलिए ‘राम नाम’ उन्हें अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इस दौरान उन्होंने बेलपत्र पर ‘राम’ नाम लिखकर शिवजी को अर्पित किया। उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। तभी से यह परंपरा श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखती है।
विशेष रूप से सावन माह में इस उपाय का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि, चंदन या कुमकुम से बेलपत्र पर ‘राम-राम’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक विश्वास यह भी है कि यदि बेलपत्र उपलब्ध न हो, तो श्रद्धापूर्वक मानसिक पूजा या अक्षत अर्पित कर भी भगवान शिव की आराधना की जा सकती है। चित्रकूट के प्रसिद्ध मत्यगजेंद्रनाथ मंदिर में आज भी ‘राम नाम’ लिखे बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा बड़ी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

