तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने इजरायल पर अपनी उन्नत खोर्रमशहर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के अनुसार हमले में तेल अवीव, हाइफा, बेन गुरियन एयरपोर्ट और दिमोना परमाणु केंद्र जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, हमले से हुए नुकसान और उसके वास्तविक प्रभाव को लेकर इजरायल की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। वहीं, ईरान ने इस कार्रवाई को अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन बताते हुए अमेरिका को भी अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है। ईरानी पक्ष का कहना है कि, वाशिंगटन को इस संघर्ष में हस्तक्षेप से बचना चाहिए। खोर्रमशहर मिसाइल को ईरान की सबसे शक्तिशाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में गिना जाता है। यह भारी पेलोड ले जाने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम मानी जाती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी विश्लेषकों का मानना है कि, दोनों देशों के बीच बढ़ता टकराव पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें संभावित कूटनीतिक समाधान और संघर्ष को नियंत्रित करने के प्रयासों पर टिकी हुई हैं।
