पुलिस लाइन में घुसा जहरीला करैत: बच्चों में दहशत, सुरक्षित किया गया रेस्क्यू

Follow Us

कोरबा। कोरबा पुलिस लाइन में 15 सितंबर की देर रात करीब 10 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बेहद जहरीला कॉमन करैत सांप यहां दिखाई दिया। स्थानीय रूप से इसे घोड़ा करैत कहा जाता है। जहरीले सांप के नजर आते ही पुलिस लाइन में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई। बच्चे और महिलाएं घरों में सहम गए। सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी तत्काल मौके पर पहुंचे और बड़ी सावधानी के साथ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

पुलिस लाइन घना रिहायशी इलाका है, जहां पुलिसकर्मियों के परिवार रहते हैं। यहां इस जहरीले सांप का मिलना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था। जितेंद्र सारथी ने मौके पर पहुंचकर कॉमन करैत को पकड़ा। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित डिब्बे में रखा गया, ताकि उसे बाद में सुरक्षित जंगल में छोड़ा जा सके। समय पर रेस्क्यू होने से एक बड़ी सर्पदंश की घटना टल गई और परिवारों ने राहत की सांस ली।

विश्वकर्मा जयंती 2026: विश्वकर्मा पूजा पर करें ये 3 खास उपाय, व्यापार से घर खरीदने तक मिलेगा लाभ

घटना के बाद पुलिस लाइन में रहने वाले परिवारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि परिसर में साफ-सफाई की कमी और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से अंधेरा रहता है, जिससे सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव घरों तक पहुंच जाते हैं। परिवारों ने छोटे बच्चों की चिंता जताते हुए मांग की है कि पुलिस लाइन में नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और हर पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए।

रेस्क्यू के दौरान ही जितेंद्र सारथी ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को फोन पर पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने परिवारों की समस्याएं, रोशनी की कमी और सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी दी और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था सुधारने की बात रखी। अधिकारियों ने इस पर जल्द ही संज्ञान लेकर आवश्यक सुधार कराने का आश्वासन दिया है।

गणेश विसर्जन 2026: स्थापना के तीसरे दिन बप्पा को कैसे दें विदाई? जानें सही विधि

जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की है कि घरों के आसपास सफाई रखें, कचरा और कबाड़ जमा न होने दें और बच्चों को अंधेरे में बाहर खेलने से रोकें। सांप दिखने पर उसे मारने या पकड़ने की कोशिश न करें, तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं और तत्काल जिला अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें, क्योंकि सही समय पर इलाज ही जान बचा सकता है।