अलवर । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि दीपावली जैसे पावन पर्व पर अपनी मेहनत और स्वाभिमान से परिवार का पालन-पोषण करने वाले छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-ठेले वालों और गरीब व्यापारियों की दुकानों को प्रशासन द्वारा बलपूर्वक हटाकर उनकी रोजी-रोटी पर प्रहार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जूली ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो देखा, जिसमें वह बेहद भावुक होकर कह रहा था कि मैंने कोई चोरी नहीं की है, बस ईमानदारी से मेहनत करके अपना और अपने परिवार का गुजारा करना चाहता हूं, लेकिन सरकार वो भी नहीं करने दे रही। बच्चे के ये शब्द उनके दिल को भीतर तक छू गए। उसकी बेबसी और दर्द ने उन्हें व्यथित कर दिया। इसी बच्चे से मिलने और उसका दर्द समझने के लिए वे विशेष रूप से अलवर आए तथा उसकी दुकान पर पहुंचकर उससे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वहां छोटे दुकानदारों से खरीदारी भी की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज अलवर में प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात के दौरान उनके सामने कई परिवारों की पीड़ा आई। किसी की दुकान उजड़ गई, किसी का ठेला छिन गया तो किसी के सामने परिवार के दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया है। जिन हाथों में दीपावली के दीप होने चाहिए थे, उन्हीं परिवारों की आंखों में आज बेबसी के आंसू हैं। सरकार और प्रशासन को यह समझना चाहिए कि ये छोटे दुकानदार किसी से कुछ मांग नहीं रहे, बल्कि मेहनत करके सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला रहे हैं। जूली ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया कि आखिर इन गरीबों का कसूर क्या है? क्या मेहनत करके अपने बच्चों का पेट पालना अपराध हो गया है? एक तरफ सरकार वोकल फॉर लोकल का नारा देकर छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उन्हीं छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी छीनने का काम किया जा रहा है। सरकार की कथनी और करनी में यह अंतर समझ से परे है। जुबान पर गरीबों के हितों की बात और जमीन
पर उनकी आजीविका पर चोट, आखिर यह कैसी नीति है?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को गरीबों की मजबूरी को अपनी सरकार की ताकत दिखाने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी प्रदेश के मेहनतकश गरीब परिवारों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। किसी भी व्यक्ति की रोजी-रोटी और सम्मान के साथ इस तरह खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। वे इन परिवारों के हक की आवाज को न दबने देंगे और न कमजोर पडऩे देंगे। जूली ने कहा कि दीपावली के अवसर पर गरीबों के घरों में भी खुशियों के दीप जलें, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्थानीय बाजारों में जाएं और छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी एवं ठेले वालों से खरीदारी करें, ताकि इन मेहनतकश परिवारों की भी दीपावली खुशहाल हो सके और वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि ये गरीब लोग किसी से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने श्रम और स्वाभिमान के बल पर दो वक्त की रोटी कमाना चाहते हैं। दीपावली की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होगी, जब हर घर में रोशनी के साथ किसी गरीब के घर का चूल्हा भी जले और उसके बच्चों के चेहरों पर भी मुस्कान आए।
