नई दिल्ली। नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (UPFs) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है। यूरोपियन कार्डियोलॉजी की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग रोज़ाना ज्यादा मात्रा में प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड खाते हैं, उनमें दिल की बीमारियों, अनियमित हार्टबीट, मोटापा, डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, हार्ट डिज़ीज़ से मौत का जोखिम भी अधिक पाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, इंडस्ट्रियल तरीके से बनाए गए इन फूड्स में चीनी, नमक, अनहेल्दी फैट और कई तरह के एडिटिव्स होते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करते हैं और शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। यह स्थिति लंबे समय में गंभीर कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का कारण बन सकती है।
‘यूरोपियन हार्ट जर्नल’ में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जिन लोगों का UPF सेवन सबसे ज्यादा है, उनमें हार्ट डिजीज का खतरा लगभग 19% तक बढ़ जाता है, जबकि कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से मौत का जोखिम 65% तक अधिक पाया गया है। साथ ही, एट्रियल फिब्रिलेशन और अन्य हार्ट संबंधित समस्याओं का खतरा भी बढ़ता है। विशेषज्ञों ने डॉक्टरों से अपील की है कि, वे मरीजों को डेली डाइट में UPF कम करने की सलाह दें। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि, हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग की जानकारी देना भी जरूरी है, क्योंकि कई बार “हेल्दी” बताकर बेचे जाने वाले फूड्स भी अल्ट्रा-प्रोसेस्ड हो सकते हैं। यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि, दिल की सेहत के लिए प्राकृतिक और कम प्रोसेस्ड भोजन अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
