खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में भाजपा से जुड़े जनपद सभापति पर लगे गंभीर आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। महिला अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज FIR मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी सुधीर गोलछा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। बताया जा रहा है कि, FIR दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि, जनपद सभापति लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। शिकायत के अनुसार आरोपी बार-बार फोन कर अश्लील बातें करता था, निजी मुलाकात और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। विरोध करने पर धमकी और दबाव की कोशिश भी की गई।
पीड़िता ने यह भी बताया कि, आरोपी अक्सर कार्यालय पहुंचकर अकेले में बातचीत करने की कोशिश करता था और कर्मचारियों को बाहर भेज देता था। इतना ही नहीं, उसने महिला अधिकारी के निजी जीवन को लेकर अभद्र टिप्पणियां भी कीं। डर और बदनामी की वजह से अधिकारी लंबे समय तक चुप रहीं, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। छुईखदान थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना तेज हो गई है। मामले को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है।
