दुर्ग। नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पहले नेताओं से धरना समाप्त कर स्थान खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर उन्हें हिरासत में ले लिया।कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन देश के छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों तथा उनकी मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ उठाने के बजाय सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया।
इसी मुद्दे पर पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना पर गंभीर आघात है।
अरुण वोरा ने कहा,”सत्य को दबाया जा सकता है, पराजित नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा, “आज हमारे जननेता, आदरणीय श्री राहुल गांधी जी एवं करोड़ों भारतीयों की आवाज़ को जिस बर्बरता, क्रूरता और दमनकारी तरीके से कुचलने का प्रयास किया गया, वह भारतीय लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर सीधा प्रहार है।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के छात्रों, युवाओं और वंचित वर्गों की पीड़ा को सरकार तक पहुँचाने का अपना लोकतांत्रिक दायित्व निभा रहे थे। वे उनके अधिकारों, भविष्य और सम्मान की बात कर रहे थे, लेकिन संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय सत्ता ने दमन का मार्ग चुना।
छात्रों की आवाज़ केवल उनके भविष्य की नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की आवाज़ है, और उसके साथ खड़ा होना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का संवैधानिक दायित्व है।देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े प्रश्नों को संसद में उठाने तथा NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच और व्यापक चर्चा की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने सांसदों के साथ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया। यदि सत्ता जनता की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास करती है, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों के प्रति गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्य, संविधान, लोकतंत्र और देश की जनता की आवाज़ के साथ अडिग होकर खड़ी है और आगे भी पूरी शक्ति के साथ खड़ी रहेगी।कांग्रेस इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी.

