कलियुग का वैकुंठ तिरुमाला मंदिर, जहां हर दिन लाखों भक्तों की आस्था होती है पूरी

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अमरावती। आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और समृद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। शेषाचल पर्वतमाला की सातवीं पहाड़ी पर बने इस दिव्य धाम को भगवान विष्णु के अवतार श्री वेंकटेश्वर स्वामी यानी बालाजी का निवास माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में भगवान वेंकटेश्वर स्वयं तिरुमाला में विराजमान हैं और सच्चे मन से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यही वजह है कि, देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। करीब 1700 साल पुराने इस मंदिर का इतिहास बेहद समृद्ध है। पल्लव, चोल, पांड्य और विजयनगर साम्राज्य के शासकों ने इसके विस्तार और संरक्षण में अहम भूमिका निभाई। द्रविड़ वास्तुकला शैली में बना यह मंदिर अपने स्वर्णमंडित आनंद निलयम, भव्य गोपुरम और सुंदर नक्काशी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

तिरुमाला मंदिर में रोजाना वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजा, अभिषेक और विशेष सेवाएं आयोजित की जाती हैं। यहां की सुप्रभात सेवा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भक्तों के लिए खास आकर्षण हैं। मंदिर का प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू प्रसाद भी दुनिया भर में लोकप्रिय है। इसके अलावा तिरुमला तिरुपति देवस्थानम द्वारा अन्नदान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाएं भी चलाई जाती हैं। यह धाम आज भी आस्था, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र बना हुआ है।