अमृत संदेश की खबर और कर्मचारी संगठनों के प्रयास का असर, विभाग ने जारी किया संशोधित आदेश

Follow Us

o सुशासन की सरकार में संविदा कर्मचारियों का भरोसा हुआ और मजबूत – पुरन दास, प्रदेश प्रवक्ता संविदा कर्मचारी संघ
o 15 अगस्त सम्मान समारोह के लिए अब सभी पात्र कर्मचारियों की जानकारी आमंत्रित

रायपुर। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा कलेक्टर कार्यालय की आदिवासी विकास शाखा द्वारा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के सम्मान हेतु पूर्व में जारी आदेश में विभाग ने संशोधन कर दिया है। संशोधित आदेश के अनुसार अब संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अन्य सभी पात्र कर्मचारियों की जानकारी भी सम्मान सूची के लिए आमंत्रित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि, पूर्व आदेश में संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लेकर उत्पन्न हुई स्थिति पर कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इस विषय को अमृत संदेश समाचार पत्र द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, वहीं विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी इसे कर्मचारियों के सम्मान और समान अवसर से जुड़ा विषय बताते हुए आदेश में संशोधन की मांग उठाई। इसके बाद विभाग द्वारा संशोधित आदेश जारी किया गया।

छत्तीसगढ़ संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि, यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक संशोधन नहीं, बल्कि संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अन्य अनियमित कर्मचारियों के सम्मान, आत्मगौरव और मनोबल को सशक्त करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि, सुशासन की सरकार में संविदा कर्मचारियों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है तथा उन्हें आशा है कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लेकर उनके हितों की रक्षा करेगी।

पुरन दास ने कहा कि, प्रदेश में 2 लाख से अधिक संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अन्य अनियमित कर्मचारी स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, आदिम जाति कल्याण, नगरीय प्रशासन सहित विभिन्न शासकीय विभागों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ड्राइवर से लेकर मंत्रालय स्तर तक ये कर्मचारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को सम्मान की प्रक्रिया में समान अवसर मिलना सुशासन और समावेशी प्रशासन की भावना को और अधिक मजबूत करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि, राज्य सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी लंबित मांगों के निराकरण की दिशा में सकारात्मक पहल जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने विभाग द्वारा समय रहते संशोधित आदेश जारी किए जाने को कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान बताया।