Girish Pankaj

पेंशन रोकना अन्याय !-गिरीश पंकज

छत्तीसगढ़ के शतप्रतिशत अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों की पेंशन रोके जाने का यह मामला वास्तव में बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है। अन्याय भी है। उच्च…
October 3, 2026

केवरी गाँव का कमाल !-गिरीश पंकज

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर जनपद अंतर्गत आने वाला केवरी गाँव आज पूरे प्रदेश में एक मिसाल बन चुका है। ग्रामीण दक्षेत्रों में सामाजिक सुधार और जनजागरूकता की दिशा…
September 26, 2026

हिंदी विरोधी मानसिकता-गिरीश पंकज

भारत की बहुरंगी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालाकि, यही विविधता कभी-कभी राष्ट्रीय नीतियों और प्रांतीय प्राथमिकताओं के बीच टकराव का कारण बन जाती है।…
September 19, 2026

आमजन क्यों परेशान हो?- गिरीश पंकज

लोकतंत्र की सबसे पहली और बुनियादी शर्त यह है कि व्यवस्था में नागरिक सर्वोपरि हो और सत्ता उसके सेवक के रूप में काम करे। औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश हुक्मरानों का…
September 5, 2026

जेन -ज़ी का मतलब!!- गिरीश पंकज

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ‘जेनरेशन ज़ी’ या जेन-ज़ी की प्रगतिशील सोच किसी भी समाज के जीवंत होने का प्रमाण है। व्यवस्था पर सवाल उठाना, अधिकारों के प्रति सजग रहना और…
August 22, 2026

स्वतंत्रता और कर्तव्य-गिरीश पंकज

‘स्वतंत्रता’ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसा पावन संकल्प है, जिसे पाने के लिए अनगिनत वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। आज़ादी का अर्थ केवल राजनीतिक या भौगोलिक…
August 16, 2026

बदलाव की नई उम्मीद-गिरीश पंकज

भारत अपनी स्वाधीनता के आठ दशकों के ऐतिहासिक पड़ाव की ओर अग्रसर है। एक तरफ जहाँ हम वैश्विक पटल पर आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी महाशक्ति बनने का दावा करते हैं,…
August 8, 2026