रायपुर। राजधानी में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नरेट के मध्य ज़ोन में देर रात सघन कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। यह मिडनाइट ऑपरेशन डीसीपी सेंट्रल ज़ोन उमेश प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में, एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल, एसीपी दीपक मिश्रा, एसीपी रमाकांत और थाना प्रभारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। अभियान से पहले पुलिस लाइन में करीब 150 जवानों के साथ रणनीति तैयार की गई और लगभग 10 टीमों का गठन किया गया। निगरानी को मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया गया। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर सील किया गया और कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन के तहत वारंटियों, फरार आरोपियों के घरों में डोर-टू-डोर तलाशी ली गई। साथ ही संभावित मार्गों पर नाकेबंदी कर सघन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्थायी वारंट और 9 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में NDPS एक्ट के तहत 2 मामले दर्ज हुए—एक देवार डेरा और दूसरा गोलबाजार क्षेत्र के बंजारी बाबा मस्जिद के पास। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और उपद्रव करने वाले 32 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। वहीं करीब 70 हिस्ट्रीशीटर और 85 पुराने चोर-चाकूबाजों के घरों पर दबिश देकर सरप्राइज चेकिंग की गई। इस व्यापक कार्रवाई में 55 से अधिक अपराधियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। पुलिस के इस अभियान से अपराधियों में भय का माहौल बना है और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
रायपुर पुलिस का ‘मिडनाइट स्ट्राइक’: सोते रह गए हिस्ट्रीशीटर, घर में घुसकर दबोचे गए चाकूबाज।
