बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 17 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश और जलभराव का असर अब भी दिखाई दे रहा है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया था, जिससे अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भी प्रभावित हो रही है। जिले की 50 से अधिक उचित मूल्य दुकानों में रखा हजारों क्विंटल खाद्यान्न पानी में भीगकर खराब हो गया है। बारिश और जलभराव के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कई राशन दुकानों में पानी घुस गया। दुकानों में रखा चावल, शक्कर, नमक और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री लंबे समय तक पानी में रहने के कारण खराब हो गई। इससे राशन वितरण व्यवस्था पर असर पड़ा है और गरीब परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न की उपलब्धता को लेकर समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार,
सबसे ज्यादा नुकसान बैमा-नगोई, टिकरापारा और मस्तूरी क्षेत्र की राशन दुकानों में सामने आया है। इन क्षेत्रों में कई दुकानों में पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि वहां रखा पूरा खाद्यान्न जलमग्न हो गया। दुकानों में रखे सरकारी दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात भी पानी में खराब हो गए हैं। राशन दुकान संचालकों ने बताया कि यह नुकसान अचानक आई प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ है। भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते दुकान में रखा पूरा स्टॉक खराब हो गया। संचालकों का कहना है कि खाद्यान्न खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि इसमें उनकी कोई लापरवाही नहीं है।
दुकानदारों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि खराब हुए खाद्यान्न का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए राशन दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की जाए। उनका कहना है कि कई दुकानें ऐसे स्थानों पर स्थित हैं, जहां बारिश के समय जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। इधर, जिला प्रशासन ने बारिश से प्रभावित राशन दुकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। प्रशासन द्वारा प्रभावित दुकानों में खाद्यान्न नुकसान की मात्रा, खराब हुए सामान और दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है।
शिक्षकों का प्रदर्शन अधिकारियों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों और राशन व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करने में जुटा है कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो। बारिश के कारण हुए नुकसान के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित राशन दुकानों में व्यवस्था बहाल करना है। हजारों परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाले खाद्यान्न पर निर्भर हैं। ऐसे में खराब हुए स्टॉक की भरपाई और नियमित राशन वितरण व्यवस्था को पटरी पर लाना जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासनिक टीमें नुकसान का आंकलन करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानों और खाद्यान्न नुकसान को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
