नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अपने रायबरेली दौरे के दौरान उन्होंने देशवासियों को आगाह करते हुए दावा किया कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण भारत जल्द ही एक बड़े ‘आर्थिक तूफान’ की चपेट में आने वाला है। राहुल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक ढांचा सिर्फ उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने सचेत किया कि इस आने वाले आर्थिक झटके का असर बड़े कॉरपोरेट घरानों या पीएम मोदी पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।
एक तरफ जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को ‘मोदी सरकार जनित आर्थिक संकट’ करार देते हुए जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी के विदेश दौरों पर भी तंज कसा गया। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जनता को तो विदेश यात्राएं कम करने की नसीहत दे रही है, जबकि प्रधानमंत्री खुद लगातार विदेश दौरों में व्यस्त हैं और देश की आंतरिक समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
इसी बीच, आम जनता को पांच दिन के भीतर दूसरा बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दामों में 86 पैसे और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी कर दी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बीते शुक्रवार को ही कीमतों में 3 रुपये का भारी इजाफा हुआ था, जिसके बाद महज पांच दिनों के भीतर तेल के दाम लगभग 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं, जिसने आम आदमी की जेब पूरी तरह से झुलसा दी है।
