भिलाई में ललित कला अकादमी रीजनल सेंटर की स्थापना की तैयारी तेज, विशेषज्ञ समिति ने सौंपे सुझाव

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भिलाई। छत्तीसगढ़ में ललित कला अकादमी के रीजनल सेंटर की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की बैठक नया रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्यों ने संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे (आईएएस) को रीजनल सेंटर की स्थापना संबंधी अपने सुझाव सौंपे।

बैठक में समिति के अध्यक्ष एवं प्रख्यात मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार हुकुम लाल वर्मा, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के सहायक प्राध्यापक एवं चित्रकार संदीप किन्डो तथा प्रसिद्ध मूर्तिकार तृप्ति खरे सहित कई कला विशेषज्ञ मौजूद रहे।

संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ललित कला अकादमी का रीजनल सेंटर खुलना प्रदेश के कला जगत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने सभी विशेषज्ञों से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान हुकुम लाल वर्मा ने समकालीन कला और छत्तीसगढ़ के कलाकारों की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। वहीं संदीप किन्डो ने कहा कि अकादमी की स्थापना से खैरागढ़ विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा कलाकारों को नई पहचान और बेहतर अवसर मिलेंगे। तृप्ति खरे ने छत्तीसगढ़ी कला को वैश्विक मंच तक पहुंचाने पर जोर दिया, जबकि डॉ. अंकुश देवांगन ने प्रदेश की समृद्ध लोककला को अकादमी का अभिन्न हिस्सा बनाने का सुझाव दिया।

बैठक के दौरान डॉ. अंकुश देवांगन ने भिलाई सिविक सेंटर स्थित कृष्ण-अर्जुन रथ पर आधारित अपनी पेंटिंग संस्कृति विभाग के संचालक को भेंट की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का अभी तक कोई संस्थान नहीं है। ऐसे में रीजनल सेंटर की स्थापना की पहल को प्रदेश के कला जगत के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। राज्य शासन द्वारा गठित समिति और इस पहल का कलाकारों ने स्वागत करते हुए खुशी जताई है।