स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल को लेकर प्रमोद दुबे ने CM साय को लिखा पत्र

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रायपुर। प्रदेश में महंगे बिजली बिल के चलते आज नगर निगम के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे कम से कम 20000 लोगों से संवाद कर धरातलीय जानकारी उन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं ।सभी घरों के उपभोक्ता से 2 साल का उन्होंने रिकार्ड मांगकर हकीकत से अवगत कराते हुए कहा है कि शाषन द्वारा 32%लगभग वृद्धि बिजली बिल में की गई है लेकिन वृद्धि 80 से 150%तक बिल के अध्ययन करने से स्पष्ट हो जाता है।

प्रमोद दुबे ने तथ्यात्मक बातें मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए कहा है कि

1. छ ग सरकार द्वारा जब फरवरी 2024 में अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए उस समय केवल सरकारी संस्थाओं में आर डी एस एस योजना के तहत प्री पेड स्मार्ट मीटर लगना था। न कि सभी उपभोक्ताओं के यहाँ।

2. विद्युत नियम2003 की धारा 47,,,5 के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के विकल्प के ऊपर निर्भर करता है।इसके लिए उपभोक्ताओं की सहमति आवश्यक है।जबकि यहां बिना सहमति के बिजली विभाग की दादागिरी सरे आम देखने मिली। लोगों से कहा गया कि स्मार्ट मीटर नहीं लगाने पर लाइन काट दी जाएगी।

3. इलेक्ट्रो मैग्नेटिक मीटर की कीमत 150 रु थी बाद में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे जो 800 रु में उपभोक्ताओं को मिले जबकि नए मीटर की लागत लगभग 8000 है इन सभी खर्चों का भुगतान आम उपभोक्ताओं को करना है।जिसे कम किया जाए।

4. अपने आप 3 माह के बिजली बिल जो केवल गर्मी में आये थे उसके आधार पर cseb ने लोगों के घरों तथा संस्थानों के ऑटोमेटिक लोड बढ़ाने के नाम से भारी पेनाल्टी ठोकी जिसके कारण बिल भारी बढ़कर आया। अतः लोड के नाम पर थोपे गए चार्ज को रिवर्ट करें।

5 .नए मीटर पूर्व की भांति cspdcl की लैब में टेस्ट नहीं किये गए हैं।जिसके चलते किसी मीटर की विश्वसनीयता नहीं है। ठेकेदारों ने बिनाcspdcl लेब टेस्ट के ही जल्द दबाव डालकर मीटर लगवा दिए। जो आवश्यक है।

6. अब जाकर चेक मीटर से इसकी परीक्षण की जा रही है।जबकि हमारी मांग थी कि पुराने मीटर के साथ नए मीटर को बाजू में लगाकर 2 माह टेस्ट किया जाए ताकि आम उपभोक्ताओं को जानकारी मिल सके।

7. हजारों लोगों ने बिल ज्यादा आने के कंप्लेंट किये लेकिन सभी का बिल यथावत रहा। कोई सुधार किसी बिल में नहीं हुआ।

8 .मीटर रीडर को यथावत काम मे रखें क्योंकि अब उनकी उम्र 35 से 55 तक हो चुकी है तो कौन उन्हें रखेगा। प्रमोद दुबे ने मुख्यमंत्री को बताया कि आज की स्थिति में 2 कमरे के घर का बिल भी 3000 से लेकर 9000 तक आया है। कारण में इस वर्ष अधिक गर्मी पड़ना बताया जाना अधिकारियों की खाना पूर्ति के साथ साथ अकर्मण्यता को सिद्ध करती है।

रायपुर शहर में 10 महीने गर्मी होती है और पूरे 10 माह कूलर एसी चलते हैं।पहले भी जिनके घर 2 एसी चलते थे तब भी 3000 से ज्यादा बिल नहीं आते थे अभी उन्ही घरों में 9000 से 15000 बिल आ रहे हैं। मुख्यमंत्री से प्रमोद दुबे ने आग्रह किया है कि प्रत्येक वार्ड में 100 घरों में पुराने मीटर को भी लगाकर बिल चेक कराएं। साथ ही लोड बढ़ाने में जो अतिरिक्त शुल्क लिए गए हैं उन्हें वापस लें ताकि जनता को राहत मिल सके।