दिल्ली । आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर जाने वाले राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा है कि भविष्य में राज्यसभा के लिए किसी व्यक्ति का चयन करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल की जाएगी। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा, “आगे से राज्यसभा में किसी को भेजने से पहले सौ बार ठोंक-बजाकर देखेंगे, आदमी ठीक है या नहीं।”
केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा, उनका पार्टी छोड़कर जाना बेहद दुखद और खेद की बात है। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को जनता ने नहीं, बल्कि पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी के लिए एक बड़ी सीख बताया।उन्होंने कहा कि इसके विपरीत आम आदमी पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने अब तक जनता को धोखा नहीं दिया है। केजरीवाल ने दिल्ली के अलावा गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात के उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और पार्टी के साथ खड़े हैं।
2013 के दिल्ली चुनाव का किया जिक्र
केजरीवाल ने AAP के शुरुआती दौर को याद करते हुए 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 28 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा 32 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। उनके मुताबिक, सरकार बनाने के लिए भाजपा को चार और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी और उस समय AAP के चार विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई थी।केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के वे विधायक पार्टी छोड़कर नहीं गए। इसके बाद दोबारा विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें AAP ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 67 सीटें हासिल कीं।
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गोवा और जम्मू-कश्मीर के विधायकों का भी दिया उदाहरण
केजरीवाल ने कहा कि 2022 में गोवा में आम आदमी पार्टी के दो विधायक चुने गए थे। उनके मुताबिक, पिछले चार वर्षों से दोनों विधायकों को पार्टी से अलग करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन वे अब तक AAP के साथ बने हुए हैं।उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी के एक विधायक का भी जिक्र किया और दावा किया कि उन्हें भी पार्टी से अलग करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अब तक पार्टी के साथ हैं।
गुजरात उपचुनाव का भी किया जिक्र
गुजरात का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वहां आम आदमी पार्टी के पांच विधायक चुनाव जीते थे, जिनमें से एक ने बाद में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में AAP ने भाजपा को हरा दिया।केजरीवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की घटनाओं से आम आदमी पार्टी ने सबक लिया है। अब भविष्य में किसी व्यक्ति को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी निष्ठा, विश्वसनीयता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता की “सौ बार ठोंक-बजाकर” जांच की जाएगी।
