आपदा को करीब से महसूस करने के लिए पैसे खर्च कर रहे लोग! चीन में बढ़ा डार्क टूरिज्म का क्रेज

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नई दिल्ली। चीन में युवाओं के बीच पर्यटन का एक अलग और चौंकाने वाला ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अब सिर्फ ऐतिहासिक हादसों या आपदा प्रभावित जगहों को देखने के बजाय आपदा जैसी परिस्थितियों का अनुभव करने के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। इसे डार्क टूरिज्म के नए रूप के तौर पर देखा जा रहा है।

तूफान और बाढ़ का मिलता है रियल अनुभव:
चीन के हांग्झू में एक डिजास्टर सिमुलेशन सेंटर लोगों को तूफान, तेज बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का अनुभव कराता है। यहां करीब 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले तूफान का सिमुलेशन किया जाता है। वहीं, पानी से भरे बेसमेंट जैसी स्थितियां बनाकर लोगों को आपदा के दौरान बचाव का तरीका सिखाया जाता है।

 

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सेफ्टी का भी रखा जाता है ध्यान:
सिमुलेशन से पहले लोगों को सुरक्षा सूट और हेलमेट दिए जाते हैं। प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स पूरे अनुभव के दौरान मौजूद रहते हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा टीम तुरंत मदद करती है।

हजारों लोग ले चुके हैं अनुभव:
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंटर की शुरुआत 2024 के अंत में हुई थी और अब तक 1.6 लाख से ज्यादा लोग यहां पहुंच चुके हैं। वयस्कों के लिए टिकट करीब 899 युआन बताई गई है। हालांकि, इस ट्रेंड को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि वास्तविक आपदाओं से जुड़े अनुभवों को मनोरंजन में बदलना पीड़ितों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।

बी.एस.सी. (कृषि) काउंसलिंग के तहत अभ्यर्थियों को महाविद्यालय और सीट आबंटित