संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास संस्कृति ज्ञान परीक्षा का मुख्य उद्देश्य-एल के उपाध्याय

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विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास धर्म, वेद ,उपनिषद, व ऋषि परंपरा का ज्ञान ही संस्कृति परीक्षा का मूल है- डॉ. गणेश साहू

धमतरी। अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार शक्तिपीठ धमतरी के द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा का शानदार आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोथली में 3 अक्टूबर शनिवार को आयोजित किया गया। प्राचार्य एल के उपाध्याय के दिशा निर्देशन में 38 विद्यार्थियों का पंजीयन किय१ा गया। जिसमें एक अनुपस्थित व 37 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

प्राचार्य ने कहा कि छात्रों में मानवीय मूल्यों, सदाचार, नैतिकता , और आदर्श जीवन पद्धति को स्थापित करने में संस्कृति ज्ञान परीक्षा नींव का पत्थर साबित हो रहा है। प्रभारी शिक्षक डॉ. गणेश प्रसाद साहू ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ,समाज सेवा, शारीरिक ,मानसिक ,नैतिक और बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा है। जो विद्यार्थियों को सदाचार व नैतिकता का ज्ञान कराता है। इसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय व स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ब्लॉक ,जिला व प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत किया जावेगा। तथा सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

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प्रभारी शिक्षिका डॉ. मंजूषा साहू व्याख्याता ने शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन तथा टेबल, कुर्सी ,पंखा ,लाइट, पेयजल की समुचित व्यवस्था में योगदान दिया। विद्यालय के परीक्षार्थी काफी उत्साहित व पूरे लगन ,आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में प्रश्नों को हल किये एवं ओ एम आर शीट भरने में काफी उत्साहित नजर आए। इस परीक्षा में विद्यालय परिवार के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।