एग्रीस्टेक का पंजीयन 30 अक्टूबर तक बढ़ा

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दुर्ग। धान खरीदी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों एवं उनके सह-हिस्सेदारों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक पंजीयन होना अनिवार्य है। इस हेतु जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध सेवा सहकारी समिति में संचालित कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से एग्रीस्टेक पंजीयन का कार्य अपने आश्रित ग्रामों में शिविर आयोजित कर किया गया। जिला दुर्ग में कुल 87 समितियों के आश्रित ग्रामों में 10 सितम्?बर से 30 सितम्?बर 2026 तक शिविर का आयोजन किया गया था जिसकी समीक्षा करने पर अपेक्षाकृत प्रगति नही हुई है। जिले में 456941 बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) में से मात्र 140487 की पुर्ति हुई है।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि बिना एग्रीस्टेक पंजीयन धान नही बिकेगा, सह खातेदारों का भी पंजीयन होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 2026-27 में धान बिक्री के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन एवं सह-खातेदारों का बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) अनिवार्य रहेगा। प्रगति संतोषजनक न होने के कारण शिविर की समय-सीमा 05 से 30 अक्?टूबर 2026 तक बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये है। किसान एवं सह हिस्सेदार शिविर में, समिति सीएससी एवं पटवारी के माध्यम से बकेट आईडी बनवा सकते है।

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प्रदेश में सर्वाधिक दुर्ग जिले का 456941 बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) का पंजीयन किया जाना है, जिसे शिविर के माध्यम से शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लक्ष्य है। समिति प्रबंधक / प्रभारी एवं संबंधित अमले को सभी लंबित बकेट क्लेम का कार्य समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने निर्देशित किया गया है एवं तहसील के कृषि विस्तार अधिकारी तथा पटवारी भी उपस्थित रहकर शासन की महत्वपूर्ण योजना में सहयोग प्रदाय करने निर्देश दिये गये है। जिसकी समीक्षा अनुविभागीय अधिकारियों एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा की जा रही है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि अपने सह हिस्सेदारों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक पंजीयन समयावधि में करा लिया जाए।