नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में रविवार को एक बार फिर प्रदर्शन हुआ। भारतीय युवा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और विभिन्न नागरिक एवं छात्र संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार रविवार को कम से कम 25 आप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों की संख्या इससे अधिक रही। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को बसों में ले जाने के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता उन बसों पर चढ़ गए, जिनमें हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी उन्हें इस तरह उठा-उठाकर ले जा रहे थे, जैसे वह कोई फुटबॉल हों। एक अन्य सामाजिक माध्यम पोस्ट में भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इंडिया गेट पर पुलिस ने उन्हें इस तरह उल्टा कर दिया, जिससे उनका चेहरा कैमरों में न आ सके।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। वह इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में हिरासत में ली गई थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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नेहा बोरा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनका संगठन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से न्याय और अधिकारों की मांग जारी रखने की बात कही। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के करीब पांच हजार जवानों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ रोड, संसद मार्ग और केरल भवन की ओर से आने वाले रास्तों पर भी आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
पुलिस ने भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी के साथ ड्रोन का इस्तेमाल भी किया। इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों पर अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने शिकायतों की जांच अपराध शाखा को सौंप दी है। पुलिस के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को अपराध शाखा के पास भेजा गया है।
पत्रकारों, वकीलों और अन्य प्रदर्शनकारियों की ओर से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दिल्ली में पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को भी जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर कुछ मामलों में सरकारी आदेशों के उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इस बीच, प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगें जारी रखने की बात कह रहे हैं। चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है।
दरअसल, एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2 चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति जताई है। इसके बाद से ज्ञानेश विपक्ष के निशाने पर हैं। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।

