आयकर अधिनियम 2025 में बड़ा बदलाव: डिजिटल टैक्स सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता, रायपुर में चेंबर की खास कार्यशाला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा “नवीन आयकर अधिनियम 2025 – प्रमुख प्रावधान एवं महत्वपूर्ण बदलाव” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अजमेर से आए टैक्स विशेषज्ञ और आईसीएआई के पूर्व क्षेत्रीय परिषद सदस्य सीए अंकित सोमानी ने व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को नए कानून की बारीकियों से अवगत कराया। सीए सोमानी ने बताया कि, नया आयकर अधिनियम 2025 देश में कर प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि, छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए प्रिजम्पटिव टैक्स सीमा बढ़ाई गई है और ऑडिट नियमों को सरल बनाया गया है, लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए वित्तीय लेनदेन पर और सख्त नजर रखी जाएगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि, डिजिटल ट्रांजेक्शन और फाइनेंशियल रिकॉर्ड में छोटी गलती भी अब बड़ी पेनल्टी का कारण बन सकती है। साथ ही फॉर्म 15G और 15H की जगह नया एकीकृत फॉर्म 121 लागू किया गया है, जिससे कागजी प्रक्रिया कम होगी। चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि, नए कानून की सही जानकारी ही व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचा सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि, यह अधिनियम व्यापार को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाएगा। कार्यशाला में नकद लेनदेन, टीडीएस और टैक्स प्लानिंग जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हुए।