शराब में मिलावट का भंडाफोड़, कर्मचारी के किराए के कमरे से खाली बोतलें और ढक्कन बरामद

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कांकेर। भानुप्रतापपुर पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किराए के मकान में छापेमारी की है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें, ढक्कन तथा पैकिंग से संबंधित सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अंग्रेजी शराब की बोतलों में पानी अथवा अन्य सामग्री मिलाकर दोबारा पैकिंग किए जाने का कथित खेल चल रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने भानुप्रतापपुर स्थित एक किराए के कमरे में दबिश दी। बताया गया कि यह कमरा अंग्रेजी शराब दुकान से जुड़े एक कर्मचारी के उपयोग में था।

पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें, ढक्कन, स्कैनर/स्टिकर सहित अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।


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कोरर शराब मामले से भी जुड़ रहे तार
इस कार्रवाई के तार पिछले दिनों कोरर पुलिस द्वारा शराब के मामले में की गई कार्रवाई से भी जोड़े जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जिस कमरे से सामग्री बरामद हुई है, उसे कथित तौर पर रोहित देवांगन नामक व्यक्ति ने किराए पर लिया था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार है।

वहीं, स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि शराब में कथित मिलावट और फर्जी पैकिंग का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है, तो यह न केवल अवैध कारोबार बल्कि शराब उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।

आबकारी विभाग की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
मामले में स्थानीय लोगों द्वारा आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि विभागीय संरक्षण के बिना इस तरह का कारोबार लंबे समय तक चलना संभव नहीं है। हालांकि, आबकारी विभाग के किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की संलिप्तता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


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इसी तरह कांकेर जिला समन्वयक BIS कंपनी नवाब अंसारी की कथित भूमिका को लेकर भी आरोप और चर्चाएं सामने आ रही हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।फिलहाल भानुप्रतापपुर पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। अब जांच के दौरान यह सामने आने का इंतजार है कि इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और कथित मिलावट व फर्जी पैकिंग का नेटवर्क कितना बड़ा है।