पदोन्नति के पदों पर संविदा भर्ती के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन

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*दस सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया*

रायपुर। पदोन्नति के पदों पर की गई संविदा नियुक्तियों के विरोध तथा नर्सिंग संवर्ग से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ द्वारा तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है। इसी क्रम में प्रदर्शन के प्रथम दिन डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर परिसर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के माध्यम से नर्सिंग संवर्ग की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण के लिए शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। संघ द्वारा कुल दस सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।

संघ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं-
1. नर्सिंग डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक पदों पर की गई संविदा नियुक्तियों को निरस्त कर पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग एवं एमएससी नर्सिंग की योग्यता रखने वाले नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों को वरिष्ठता सूची के आधार पर नर्सिंग डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक पद पर पदोन्नति दी जाए।

2.नर्सिंग डेमोंस्ट्रेटर के 22 तथा सहायक प्राध्यापक के 18 पदों के लिए स्वीकृत सीधी भर्ती के आदेश के बावजूद सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी न कर चिकित्सा शिक्षा विभाग के पात्र नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर दिया जाए।

3.चिकित्सा शिक्षा विभाग के नर्सिंग संवर्ग के ग्रेड-पे एवं वेतनमान में वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को शासन स्तर पर भेजकर शीघ्र स्वीकृति आदेश जारी किया जाए।

4.नर्सिंग ऑफिसर एवं सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पदनाम से संबंधित घोषणा के अनुरूप आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।

5.नर्सिंग अलाउंस 7,200 रुपये तथा वॉशिंग अलाउंस 1,800 रुपये प्रतिमाह प्रदान किया जाए।

6.संविदा एवं कलेक्टर दर पर कार्यरत स्टाफ नर्सों के लिए न्यूनतम 40,000 रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया जाए।

7.नर्सिंग सिस्टर, सहायक नर्सिंग अधीक्षक, उप नर्सिंग अधीक्षक, डेमोंस्ट्रेटर एवं सह प्राध्यापक के पदों पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

8.स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए तथा पूर्व से कार्यरत संविदा एवं कलेक्टर दर के स्टाफ नर्सों को नियमित पदों पर प्राथमिकता दी जाए।

9.समयमान वेतनमान से संबंधित आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।

10.नर्सिंग छात्र-छात्राओं को वर्ष 1998-99 से 1,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। संघ के अनुसार पिछले 27 वर्षों में इसमें वृद्धि नहीं हुई है। स्टाइपेंड बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।

संघ ने कहा कि इन मांगों को लेकर तीन दिवसीय सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के प्रथम दिन संघ के पदाधिकारियों के साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियमित नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों तथा संविदा एवं डेली वेजेस पर कार्यरत स्टाफ नर्सों ने भी सहभागिता की।