नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद रक्षा क्षेत्र में साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। इसी क्रम में अमेरिका ने भारत के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए लगभग 482 मिलियन डॉलर (करीब ₹4,555 करोड़) के रक्षा सहायता पैकेज को मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने 17 जून को इस प्रस्तावित सौदे की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। इस पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहायता, मरम्मत सेवाएं, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं, जिससे भारतीय सेना के मौजूदा रक्षा प्लेटफॉर्म लंबे समय तक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। जानकारी के मुताबिक, भारत ने M777A2 होवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक रखरखाव और तकनीकी सहायता की मांग की थी। ये अत्याधुनिक तोपें विशेष रूप से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के लिए जानी जाती हैं और भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने भी भारत को अपाचे हेलिकॉप्टरों और M777A2 तोपों से जुड़ी सेवाओं की संभावित बिक्री के बारे में अमेरिकी संसद को सूचित किया था। भारत ने इन तोपों को अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत खरीदा था। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि M777A2 होवित्जर तोपों के लिए लगभग 230 मिलियन डॉलर की सहायता डील अंतिम चरण में है। इस समझौते को भारत की रक्षा तैयारियों और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
