कोहिमा। नगालैंड के मोन जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रविवार सुबह हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है। डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में हुए इस हादसे में 10 से 15 मकान, जिनमें 13 घर पूरी तरह प्रभावित बताए जा रहे हैं, मलबे में दब गए।
प्रशासन के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार बारिश, अस्थिर पहाड़ी ढलानों और तेज बहाव के कारण अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल अनुग्रह राशि और प्रभावित परिवारों को राहत सहायता देने की घोषणा की है।
अब तक चार शव निकाले गए
मोन के उपायुक्त वेन्येई कोन्याक ने कहा कि अब तक 4 शव बरामद किए गए हैं और चार अन्य लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं। उन्होंने बताया कि कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है और उनकी तलाश जारी है। उन्होंने कहा, सबसे अधिक प्रभावित इलाके मोन टाउन और तिजित हैं। भारी बारिश रात करीब 1 बजे शुरू हुई और हमें सुबह करीब 6-7 बजे भूस्खलन की घटनाओं की जानकारी मिली। SDRF, पुलिस, असम राइफल्स, NDRF की टीमें और स्थानीय लोग खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अब तक हमने मलबे से चार शव बरामद किए हैं, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। कई जगहों पर खोज और बचाव अभियान चल रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार असम राइफल्स, एनडीआरएफ, नागालैंड पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जिला प्रशासन तथा स्थानीय स्वयंसेवक संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं। भारी वर्षा के कारण मोन शहर के अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। नदी किनारे तेज कटाव से कई अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पीड़ितों को मुआवजा देगी सरकार
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल अनुग्रह राशि और प्रभावित परिवारों को राहत सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सभी संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने भारतीय मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी किनारों और असुरक्षित ढलानों से दूर रहने की अपील की है।
