गृह मंत्री और पुलिस पर कथित आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, वन विभाग कर्मचारी गिरफ्तार

Follow Us

कोरबा। सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री और पुलिस विभाग के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना कटघोरा वन मंडल के एक कर्मचारी को भारी पड़ गया। कोरबा जिले की बांगो थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी वन कर्मचारी शेखर सिंह रत्नाकर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरना-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पुलिस विभाग और शासन के खिलाफ कथित रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

जानकारी के अनुसार 24 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया गया था। वीडियो में खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताने वाले शेखर सिंह रत्नाकर द्वारा कुछ टिप्पणियां की गई थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में की गई टिप्पणियां आपत्तिजनक थीं और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित होने की आशंका थी। वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मंडल पोड़ी-उपरोड़ा के उपाध्यक्ष गौरव चतुर्वेदी ने बांगो थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शिव शंकर उड़के सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने वीडियो की सत्यता, सोशल मीडिया अकाउंट और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने बांकी मोंगरा क्षेत्र में दबिश देकर शेखर सिंह रत्नाकर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से वीडियो पोस्ट करने की बात स्वीकार की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी कटघोरा वन मंडल में कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। विभागीय पहचान का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। अदालत में मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से पहले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। किसी व्यक्ति, संस्था या सरकारी व्यवस्था के खिलाफ भड़काऊ या विवादित सामग्री प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में पुलिस तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं आरोपी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।