रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं डीएसपी यातायात उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित रूप से ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से वाहन चालकों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को गोगा राइस मिल के पास सारंगढ़ रोड ओडिशा हाईवे पर विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें भारी वाहन चालकों की जांच के दौरान पांच चालक शराब सेवन कर वाहन चलाते पाए गए।
यातायात पुलिस द्वारा सभी चालकों के विरुद्ध धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इस्तगासा तैयार कर सोमवार 22 जून को न्यायिक मजिस्ट्रेट रायगढ़ के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सभी पांच वाहन चालकों को ₹10,000-₹10,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया। उल्लेखनीय है कि धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब अथवा नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने पर पहली बार अपराध सिद्ध होने पर छह माह तक का कारावास अथवा ₹10,000 तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। तीन वर्ष के भीतर पुनरावृत्ति होने पर दो वर्ष तक का कारावास अथवा ₹15,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है तथा दुर्घटना की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश नशे की हालत में वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है, जो स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डालता है। सभी वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें और शराब सेवन के बाद वाहन चलाने से बचें। सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
