अगर आपको लगातार थकान, कमजोरी, शरीर में दर्द या हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। ये लक्षण शरीर में विटामिन B12 और विटामिन D3 की कमी का संकेत हो सकते हैं। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और धूप की कमी के कारण आज बड़ी संख्या में लोग इन जरूरी विटामिनों की कमी से जूझ रहे हैं।
विटामिन B12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के सुचारु संचालन और डीएनए निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर लगातार थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, याददाश्त कमजोर होना, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, त्वचा का पीला पड़ना और जीभ में जलन, दर्द या सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
वहीं विटामिन D3 हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, पैरों और कमर में कमजोरी, बार-बार बीमार पड़ना, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना, मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन, बालों का झड़ना, त्वचा संबंधी समस्याएं और घाव भरने में अधिक समय लगने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट कराना चाहिए। जांच के बाद ही चिकित्सकीय सलाह पर विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन करें, क्योंकि जरूरत से अधिक मात्रा में विटामिन लेना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त धूप, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर विटामिन B12 और D3 के स्तर को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
