धमतरी पुलिस का जागरूकता अभियान: छात्रों को साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों की दी जानकारी

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धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में जिलेभर में जनजागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नगरी और थाना प्रभारी नगरी के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल नगरी में साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, यातायात जागरूकता और नवीन आपराधिक कानूनों को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और इंटरनेट का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करना बेहद जरूरी है। छात्रों को फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश योजनाओं से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही साइबर अपराध होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

इस दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने छात्रों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, यातायात संकेतों का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के नियमों के बारे में बताया गया।

इसके अलावा पुलिस अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) सहित नए आपराधिक कानूनों की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी भी दी। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने और कानून का सम्मान करने की शपथ दिलाई गई। पुलिस ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।