राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों के महत्व पर हुआ मंथन

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रायपुर : राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों के महत्व पर हुआ मंथन
विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों से सुशासन और विकास को मिलेगी नई दिशा

रायपुर। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण तथा प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संचालक तीर्थराज अग्रवाल ने कहा कि, विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े प्रभावी नीति निर्माण, सुशासन और समावेशी विकास की मजबूत आधारशिला हैं। मुख्य अतिथि प्रो. प्रीति के. सुरेश (डायरेक्टर, MMTTC) तथा प्रो. धर्मेंद्र कुमार गंगेश्वर (विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय) ने भी नीति निर्माण, अनुसंधान और विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़ों की भूमिका पर प्रकाश डाला। अपर संचालक एन. बुलीवाल ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की प्रासंगिकता एवं सांख्यिकी की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्र में उप संचालक दिनेश कुमार तिवारी ने “Unlocking Potential Administrative Data” विषय पर प्रस्तुति देते हुए प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग की संभावनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इसके पश्चात प्रतिभागियों द्वारा प्रशासनिक आंकड़ों के उपयोग एवं MLALAD’s Online Portal पर प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों की सांख्यिकीय समझ और ज्ञान का भी परीक्षण किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक द्वय सुरेश कुमार बंजारे, डोमार सिंह वर्मा सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं प्रतियोगी उपस्थित थे ।