पेपर लीक मामलों पर सख्ती, दिल्ली हाईकोर्ट ने बनाया नया फास्ट ट्रैक कोर्ट

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दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए एक नए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, यह फास्ट ट्रैक कोर्ट तत्काल प्रभाव से काम करना शुरू करेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा करना है। पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को केंद्र सरकार ने प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए लागू किया है। इस कानून के तहत परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल के समय में पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों को लेकर देशभर में चिंता जताई गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेजी मिलने की उम्मीद है। इससे दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकेगी और परीक्षा व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।

इस कानून के तहत केंद्र और राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को अपराध माना गया है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। दिल्ली हाईकोर्ट का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।