डीएमएफ मद से 16.68 लाख रुपये की लागत से स्थापित, 4.8 किलोवाट सौर संयंत्र बना निर्बाध बिजली, आपूर्ति का भरोसेमंद माध्यम

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एमसीबी। जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। मनेंद्रगढ़ विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत स्थापित 4.8 किलोवॉट क्षमता का सौर संयंत्र स्वास्थ्य केंद्र के लिए निरंतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति का मजबूत आधार बन गया है। लगभग 16.68 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह सौर संयंत्र न केवल स्वास्थ्य केंद्र की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर वनांचल क्षेत्र में स्थित है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्र में बिजली की निर्बाध उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। सौर संयंत्र की स्थापना से पहले विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय कार्य प्रभावित होते थे। बिजली नहीं रहने पर स्टॉफ के साथ-साथ उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

बिजली बाधित होने की समस्या का हुआ स्थायी समाधान
स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की अनियमितता का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव उन सेवाओं पर पड़ता था, जिनके लिए लगातार बिजली की आवश्यकता होती है। विशेष रूप से डीप फ्रीजर में रखी जाने वाली महत्वपूर्ण वैक्सीन एवं दवाइयों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। विद्युत आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने पर वैक्सीन एवं दवाइयों के खराब होने का खतरा बना रहता था।

सौर संयंत्र की स्थापना के बाद स्वास्थ्य केंद्र को निरंतर बिजली उपलब्ध होने लगी है। इससे चिकित्सकीय कार्यों में आने वाला व्यवधान काफी कम हुआ है। अब स्वास्थ्य केंद्र में उपचार सेवाएं अधिक सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। साथ ही, महत्वपूर्ण वैक्सीन एवं दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक बिजली की उपलब्धता भी बनी रहती है।


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मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को मिली बड़ी राहत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर में उपचार एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले ग्रामीण मरीजों को भी इस पहल का प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत स्टॉफ एवं उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अब विद्युत अवरोध की समस्या का भय नहीं रहता। सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली की निरंतर उपलब्धता ने स्वास्थ्य केंद्र के वातावरण को अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाया है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत का उपयोग ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता भी सुनिश्चित हो रही है।

दूरस्थ क्षेत्र में विकास की नई मिसाल
बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित यह सौर संयंत्र जिला प्रशासन की उस सोच को प्रदर्शित करता है, जिसमें दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने को प्राथमिकता दी जा रही है। डीएमएफ मद से किया गया यह निवेश स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण-तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम दे रहा है।


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सौर संयंत्र स्थापित होने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर में विद्युत अवरोध से संबंधित समस्याओं से राहत मिली है। स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जिला प्रशासन एवं जिला प्रशासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया गया है। आज बिहारपुर का यह स्वास्थ्य केंद्र इस बात का उदाहरण बन गया है कि स्वच्छ ऊर्जा की एक पहल कैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतरता को नई मजबूती दे सकती है।