दिल्ली अग्निकांड अपडेट: अपनों से मिलने की चाहत बनी आखिरी सफर, एक ही परिवार के 8 चिराग बुझे

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नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल में बुधवार को लगी भीषण आग ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कुल 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोग शामिल थे। गुरुग्राम (सेक्टर-46) के रहने वाले विवेक अग्रवाल (40) एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के पूर्व निदेशक और चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। वे मैक्स अस्पताल में भर्ती अपने बीमार बुजुर्ग पिता राधेश्याम अग्रवाल (70) से मिलने आए थे। बेंगलुरु से छुट्टी लेकर आई बेटी सहित पूरा परिवार पिता के साथ कुछ वक्त बिताना चाहता था, इसलिए उन्होंने इस होटल में कमरे लिए थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

जब होटल में आग फैली, तो विवेक ने बदहवास हालत में अपने रिश्तेदारों को फोन कर कहा था, “शायद हम अब बच नहीं पाएंगे।” इस हादसे में विवेक, उनकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, दोनों बेटियों और तीन अन्य रिश्तेदारों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे बुजुर्ग पिता इस खौफनाक सच से पूरी तरह अनजान हैं कि अब उनका कोई नहीं रहा। इस अग्निकांड में राजस्थान के अजमेर का एक कारोबारी परिवार भी खत्म हो गया। बताया जा रहा है कि, होटल में न तो कोई इमरजेंसी एग्जिट (निकासी मार्ग) था और न ही अग्निशमन उपकरण। संकरे रास्ते और सेंसर दरवाजों के लॉक हो जाने के कारण लोग अंदर ही फंस गए, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।