उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड में आज से आस्था के महापर्व चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत शंखनाद हो गया है। अक्षय तृतीया के पावन और शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं का लंबा इंतजार समाप्त हो गया है। तय मुहूर्त के अनुसार, आज दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री धाम और दोपहर 2:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट मंत्रोच्चार और पूरी धार्मिक परंपरा के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इस आध्यात्मिक पल का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं।
भक्ति का माहौल उस समय और भी भावुक हो गया जब मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा से रवाना हुई। शनिवार को आर्मी बैंड की देशभक्ति धुनों और पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप के बीच डोली ने जांगला के चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार किया। भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह डोली ने गंगोत्री धाम की ओर प्रस्थान किया, जहाँ ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से पूरी घाटी गुंजायमान हो उठी। इस यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं का देवभूमि में हार्दिक स्वागत करते हुए उनके मंगलमय मार्ग की कामना की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि, इस वर्ष की यात्रा सुविधाओं और श्रद्धालुओं की संख्या, दोनों ही मामलों में अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। शासन ने इस बार यातायात को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं, जिसमें चमोली और कर्णप्रयाग जैसे मुख्य पड़ावों पर आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था शामिल है। सरकार का संकल्प है कि हर तीर्थयात्री उत्तराखंड की दिव्यता और सुरक्षा के सुखद अनुभव को अपनी स्वर्णिम यादों में समेटकर घर लौटे।
