रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दीपक बैज ने प्रभावित परिवारों से समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी देर रात मिली थी, जिसके बाद पार्टी प्रतिनिधियों को तत्काल गांव भेजा गया था। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर गरीबों के घर उजाड़ रही है। बैज ने कहा कि किसी का घर तोड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में नकटी गांव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर और राज्यपाल से मुलाकात करेगा। यदि समाधान नहीं निकला तो पार्टी आंदोलन और प्रदर्शन भी करेगी।
दीपक बैज ने भाजपा विधायक अनुज शर्मा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे पहल करते तो प्रभावित परिवारों के घर बचाए जा सकते थे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल गरीब परिवारों पर की गई, जबकि प्रभावशाली लोगों के कथित अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भूपेश बघेल ने मांग की कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा, पुनर्वास और आजीविका के नुकसान की भरपाई दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई के जरिए गरीबों पर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो सभी अवैध कब्जों पर बिना भेदभाव समान कार्रवाई की जाए।
