मौन आंदोलन के दौरान भावुक हुए अन्ना हजारे, छात्रों के समर्थन में छलके आंसू

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अहमदनगर (अहिल्यानगर)। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में गुरुवार को अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। इस दौरान वह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के बावजूद अन्ना हजारे छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए मौन प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने सुबह 11 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जो दोपहर 1 बजे तक चला। स्वास्थ्य कारणों से वह कुछ समय बाद अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए, जबकि छात्रों का मौन प्रदर्शन जारी रहा।

अन्ना हजारे ने इससे पहले छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा कि परीक्षा में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर देश के लाखों युवा चिंतित हैं। उन्होंने अपील की कि छात्रों की नाराजगी को केवल कानून-व्यवस्था का मामला न मानकर उनकी वास्तविक समस्याओं के रूप में देखा जाए। अपने पत्र में अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि यदि नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा जाता है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होगी बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता मजबूत होगी। उन्होंने लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन करते हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और अत्यधिक बल प्रयोग से बचने की अपील भी की।