मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने धेनु बिल्डकॉन इंफ्रा लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सेबी के अंतरिम आदेश के अनुसार, कंपनी से जुड़ी संस्थाओं के नेटवर्क ने कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की एक ही रकम को बार-बार घुमाकर करीब 1,000 करोड़ रुपये के कर्ज का स्वरूप तैयार किया। नियामक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को सात संस्थाओं से 1,000 करोड़ रुपये का असुरक्षित कर्ज मिलने का दावा किया गया था। बाद में कथित तौर पर 840 करोड़ रुपये की राशि को तरजीही आवंटन के जरिए इक्विटी में बदल दिया गया।
भारत में गूगल की बड़ी तैयारी, पिक्सल 11 सीरीज के जरिए बढ़ाएगा कारोबार
सेबी की जांच में जुड़े संस्थाओं के बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल की गई। नियामक का प्रथमदृष्टया मानना है कि रकम का बड़ा हिस्सा वास्तविक नए निवेश या कर्ज के बजाय एक ही शुरुआती राशि को अलग-अलग खातों में घुमाने से तैयार किया गया। जांच में कई संस्थाओं के बीच समान पते, निदेशकों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और बैंक शाखाओं जैसे संबंध भी सामने आने का दावा किया गया है। सेबी ने कुछ चैट और कॉल रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया है। नियामक ने इन लेनदेन को प्रथमदृष्टया संदिग्ध मानते हुए मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है। हालांकि, ये आरोप हैं और अंतिम निष्कर्ष आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद तय होंगे।
भारतीय बाजार में फिर लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी ने पकड़ी तेज रफ्तार
