बांधों में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर महानदी सहित नदी-नालों के किनारे अलर्ट

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गंगरेल बांध से 2.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा, महानदी में 2.47 लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित

धमतरी। जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा बांधों में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जलाशयों के जलस्तर पर सतत निगरानी रखी जा रही है। आगामी वर्षा एवं जलाशयों में पानी की संभावित आवक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध सहित जिले के अन्य जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

दिनांक 25 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे की स्थिति में जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव की स्थिति इस प्रकार है—

  • गंगरेल जलाशय: 96.54 प्रतिशत, आवक 1,77,006 क्यूसेक
  • मुरूमसिल्ली जलाशय: 99.10 प्रतिशत, आवक 15,207 क्यूसेक
  • दुधावा जलाशय: 100 प्रतिशत, आवक 44,595 क्यूसेक
  • सोंढूर जलाशय: 87.74 प्रतिशत, आवक 28,726 क्यूसेक
  • गंगरेल बांध से 2.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

बांधों में पानी की लगातार बढ़ती आवक एवं जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध से 2,51,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से रुद्री बैराज के माध्यम से 4,000 क्यूसेक पानी नहर में तथा 2,47,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जलाशय में पानी की आवक एवं आगामी वर्षा की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पडऩे पर पानी छोडऩे की मात्रा में और वृद्धि की जा सकती है। इसी प्रकार सोंढूर जलाशय से नदी में 27,024 क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 25,492 क्यूसेक तथा मुरूमसिल्ली जलाशय से 11,472 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

नदी तटीय गांवों में अलर्ट, नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी एवं अन्य नदी-नालों में जलस्तर बढऩे से बाढ़ की स्थिति निर्मित होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे सभी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि नदी, नाले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं। अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार न करें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। जलस्तर बढऩे अथवा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रशासन एवं स्थानीय अमले द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।  आवश्यकता पडऩे पर नागरिक प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर तत्काल पहुंचें और सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन द्वारा जलाशयों एवं नदी-नालों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है