महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एग्रीस्टेक पंजीयन को प्राथमिकता देते हुए खाता विभाजन जैसे लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन कर लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि जिले में सीएम हेल्पलाइन के तहत प्राप्त 3041 शिकायतों में से 626 प्रकरणों का फीडबैक सहित निराकरण किया जा चुका है।
कलेक्टर ने खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग को किसानों को धान के स्थान पर दलहन और तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने कहा। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
कलेक्टर लंगेह ने शेष किसानों और वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टेक पंजीयन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व और कृषि विभाग के मैदानी अमले को शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए खाता विभाजन और संस्थागत पंजीयन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाया जाए।
खाद उपलब्धता की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग ने बताया कि जिले में 81 हजार 574 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 63 हजार मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। वहीं धान के बदले अन्य फसलों के लिए 7 हजार 700 हेक्टेयर रकबे का चिन्हांकन किया गया है।
बैठक में कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों, ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली के पालन, सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, नामांकन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल व्यवस्था और जन शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
