कैंसर का खतरा कम करने में मदद करेंगे ये सुपरफूड्स, आज ही अपनी डाइट में शामिल करें

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नई दिल्ली। दुनिया भर में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह समस्या तेज़ी से बढ़ रही है, खासकर युवाओं में, और इसका कारण बदलती खाने की आदतें और लाइफस्टाइल है। इस संदर्भ में, डॉक्टरों ने कुछ खाने की चीज़ों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि इन्हें रोज़ाना की डाइट में शामिल करने से कैंसर का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इन खाने की चीज़ों को खाने से शरीर में सूजन कम होती है, पाचन स्वास्थ्य बेहतर होता है और सेल डैमेज से बचाव होता है। आइए अब उन खाने की चीज़ों के बारे में जानते हैं जो कैंसर का खतरा कम करती हैं।

आपको बता दें की डॉक्टरों द्वारा बताई गई खाने की चीज़ों में बैंगनी शकरकंद अहम हैं। इनमें एंथोसायनिन नाम के पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं। ये शरीर में सूजन कम करते हैं और सेल्स को डैमेज से बचाते हैं। लैब स्टडीज़ के अनुसार, ये कोलन कैंसर सेल्स की ग्रोथ को धीमा करते हैं। डॉक्टर ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रीन्स खाने की भी सलाह देते हैं। इनमें सल्फोराफेन नाम का कंपाउंड भरपूर होता है। यह शरीर के डिटॉक्स और एंटीऑक्सीडेंट सिस्टम को एक्टिवेट करता है। रेगुलर ब्रोकली की तुलना में, इनमें न्यूट्रिएंट्स 20 से 100 गुना ज़्यादा होते हैं। इसी तरह, डॉक्टर्स का कहना है कि कीवी फल भी सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इनमें विटामिन C, फाइबर और पॉलीफेनॉल भरपूर होते हैं, जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट लेवल बढ़ाते हैं। ये DNA की सुरक्षा में भी मदद करते हैं। कीवी पाचन को बेहतर बनाने और कब्ज कम करने में अहम भूमिका निभाता है।

वहीं ग्रीन टी को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाना भी एक अच्छा आइडिया है। स्टडीज़ से पता चलता है कि इसमें EGCG नाम का एक कंपाउंड होता है, जो ट्यूमर को दबाने वाले रास्तों को बढ़ावा देता है। डॉक्टर्स का कहना है कि ग्रीन टी पीने वालों को कैंसर का खतरा कम होता है। डॉक्टर्स यह भी सलाह देते हैं कि अपनी डाइट में बीन्स को शामिल करना ज़रूरी है। इनमें फाइबर ज़्यादा होता है, जो पाचन सेहत को बेहतर बनाता है। बीन्स आपको हर दिन ज़रूरी 25 से 38 ग्राम फाइबर का एक बड़ा हिस्सा देते हैं। ज़्यादा फाइबर लेने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम होता है। डॉक्टर्स का सुझाव है कि इन चीज़ों को खाने से कैंसर होने की संभावना काफी कम हो सकती है। हालांकि, डॉक्टर्स यह साफ़ करते हैं कि कैंसर से बचाव के लिए सिर्फ़ एक खाना काफ़ी नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ़ एक सुपरफ़ूड से कैंसर से बचाव मुमकिन नहीं है, बल्कि रोज़ाना की डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी चीज़ें, फ़ाइबर होना चाहिए और रेगुलर आदतें ज़रूरी हैं।