शेखरपुर की अनोखी ‘गज श्रद्धा’, गणेश उत्सव के जरिए हाथियों के संरक्षण का संदेश

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रायपुर। जशपुर जिले के पत्थलगांव वन क्षेत्र के शेखरपुर गांव में गणेश उत्सव एक खास परंपरा के साथ मनाया जाता है। यहां ग्रामीण कई वर्षों से जंगली हाथियों की स्मृति को भगवान गणेश की आस्था से जोड़कर उत्सव आयोजित करते हैं। इस परंपरा की शुरुआत 2009 की उस घटना के बाद हुई, जब बिजली के करंट से दो हाथियों की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने धार्मिक रीति से उनका अंतिम संस्कार किया और उसी जगह गणेश प्रतिमा स्थापित की। इसके बाद से हर साल गणेश चतुर्थी पर इसी स्थान पर आयोजन किया जाता है।

इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 22 सितंबर को पत्थलगांव वन विभाग ने शेखरपुर में ‘गजरथ’ कार्यक्रम कराया। बड़ी संख्या में ग्रामीण इसमें शामिल हुए। वन विभाग की टीम ने लोगों को हाथियों के व्यवहार, जंगल और प्राकृतिक आवास के महत्व तथा हाथियों से सुरक्षित दूरी रखने के बारे में जानकारी दी। मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति कम करने के लिए जरूरी सावधानियों पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।

वन विभाग ने शेखरपुर के ग्रामीणों की इस पुरानी परंपरा और उनकी सहभागिता की सराहना की। विभाग के मुताबिक, यह आयोजन धार्मिक भावना के साथ वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता को भी सामने लाता है। हाथी प्रभावित जशपुर क्षेत्र में ऐसी पहल लोगों को वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके साथ सावधानीपूर्वक सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन रही है।