ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने देखा आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों का गौरवशाली इतिहास

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*नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में 16 दीर्घाओं के माध्यम से जनजातीय प्रतिरोध और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान से हुए रूबरू*
*औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध जनजातीय समुदायों के संघर्ष, बलिदान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती हैं संग्रहालय की कलात्मक एवं डिजिटल प्रस्तुतियां*

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत, संघर्ष और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समुदायों के योगदान को प्रत्यक्ष रूप से समझने के उद्देश्य से पत्र सूचना कार्यालय, भुवनेश्वर के नेतृत्व में ओडिशा के पत्रकारों के लिए आयोजित अंतरराज्यीय मीडिया भ्रमण कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का भ्रमण किया। भ्रमण के पहले दिन आयोजित इस दौरे में पत्रकारों ने संग्रहालय की दीर्घाओं के माध्यम से जनजातीय समाज के साहस, बलिदान और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष की समृद्ध विरासत को करीब से जाना।

संग्रहालय की 16 दीर्घाओं में प्रदर्शित मूर्तियों, डिजिटल स्थापनाओं, ऐतिहासिक विवरणों और संवादात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के प्रतिरोध की विविध गाथाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इन प्रस्तुतियों में औपनिवेशिक शोषण, दमन और अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज के संघर्ष के साथ-साथ अपनी भूमि, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों को प्रमुखता दी गई है।

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संग्रहालय में हल्बा क्रांति, सरगुजा क्रांति, परलकोट क्रांति, भोपालपट्टनम क्रांति, मुरिया क्रांति और भूमकाल क्रांति सहित जनजातीय आंदोलनों का विस्तृत ऐतिहासिक चित्रण किया गया है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन, संघर्ष और बलिदान को भी संग्रहालय की प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों ने झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह सहित व्यापक स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. अनिल विरुलकर ने प्रतिनिधिमंडल को संग्रहालय में प्रदर्शित सामग्री, ऐतिहासिक घटनाओं और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत के संरक्षण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न दीर्घाओं में प्रदर्शित ऐतिहासिक प्रसंगों और जनजातीय आंदोलनों के संदर्भों से पत्रकारों को अवगत कराया।

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संग्रहालय भ्रमण ने ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध हुए आंदोलनों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया। यह भ्रमण भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान और उनके संघर्ष एवं बलिदान की स्मृति को संरक्षित रखने के महत्व को भी रेखांकित करता है।