मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर समीक्षा बैठक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अमेरिकी फेड की बैठक 15-16 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। महंगाई और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर के बीच होने वाली इस बैठक के नतीजे और फेड के रुख पर निवेशकों की नजर रहेगी।इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें भी चिंता बढ़ा रही हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 104.47 डॉलर प्रति बैरल, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 99.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
घरेलू मोर्चे पर भी अगले सप्ताह कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं। इनमें थोक महंगाई, खुदरा महंगाई, आयात-निर्यात, यात्री वाहन बिक्री, बेरोजगारी और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़े शामिल हैं। इन आंकड़ों से भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का संकेत मिलने के साथ बाजार की धारणा भी प्रभावित हो सकती है।सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में मंगलवार को अगले सप्ताह का पहला कारोबारी सत्र होगा।
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इससे पहले बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में कमजोर प्रदर्शन देखने को मिला। सेंसेक्स 1,733.67 अंक यानी 2.27 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर, जबकि निफ्टी 499.60 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी रियल्टी में 6.54 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 5.78 प्रतिशत रही। इसके अलावा निफ्टी मेटल, कमोडिटीज, ऑयल एंड गैस, सर्विसेज, पीएसयू बैंक और एफएमसीजी में भी गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, निफ्टी हेल्थकेयर 0.51 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.21 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।कुल मिलाकर, अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है। निवेशकों की नजर मुख्य रूप से फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी।
