राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने ”एक पुलिसकर्मी-एक पंडाल” व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रमुख एवं संवेदनशील गणेश पंडालों में एक-एक पुलिसकर्मी को ‘पंडाल पुलिस मित्र’ के रूप में तैनात किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस कार्यालय में शहर की 70 से अधिक प्रमुख गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हुई।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और शहर के सभी थाना प्रभारियों ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर समितियों के साथ चर्चा की। पुलिस के मुताबिक ”पंडाल पुलिस मित्र” संबंधित गणेश उत्सव समिति और पुलिस के बीच सीधे संपर्क सूत्र के रूप में काम करेगा। पंडाल परिसर में अव्यवस्था, विवाद अथवा किसी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी उसकी होगी।
बैठक में समितियों को श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए मजबूत बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास द्वार तथा व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस और दमकल वाहनों के निर्बाध आवागमन के लिए मुख्य मार्ग खुला रखने को कहा गया है। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, पर्याप्त रोशनी और अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।
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महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता के लिए समितियों से पहचान-पत्र युक्त स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि उत्सव के दौरान शराब पीकर हुड़दंग करने, हथियार लहराने तथा जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों पर साइबर सेल निगरानी रखेगी। पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल स्थानीय थाने अथवा पुलिस हेल्पलाइन पर देने की अपील की है।
