रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें पहचानकर बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देने की है। बिलासपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मैदान में मेहनत और संघर्ष करने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।
खेलों के विकास पर सरकार का फोकस। अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को प्राथमिकता मिल रही है और खेलो इंडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के आयोजन, खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी और खेल अलंकरण को दोबारा शुरू करने जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त को खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार ने 1.74 करोड़ रुपये की राशि दी है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग आयोजित होगी, जबकि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
845 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, बिलासपुर ने जीता खिताब। चार दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों से 845 खिलाड़ियों और 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने हिस्सा लिया। बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की प्रतियोगिताओं में बिलासपुर संभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिताएं संजय तरण पुष्कर और छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में आयोजित हुईं। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी। बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए खेल भी जरूरी हैं। वहीं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेलों में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। उन्होंने खिलाड़ियों से परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। समारोह में मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पाण्डेय, अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे।
